बहराइच के महिला महा विद्यालय में आयोजित हुआ वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ तथा ‘अमृत उपवन’ का लोकार्पण,कुलपति माँ पटेश्वरी विश्व विद्यालय बने मुख्य अतिथि…….

बहराइच के महिला महा विद्यालय में आयोजित हुआ वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ तथा ‘अमृत उपवन’ का लोकार्पण,कुलपति माँ पटेश्वरी विश्व विद्यालय बने मुख्य अतिथि…….

बहराइच : (NNI 24) मॉ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रवि शंकर सिंह ने जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के साथ महिला महाविद्यालय, बहराइच में आयोजित एक गरिमामय समारोह में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ तथा ‘अमृत उपवन’ का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं प्रेरणादायी बना दिया। महाविद्यालय परिवार द्वारा कुलपति, जिलाधिकारी व अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, छात्राओं एवं अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) रविशंकर सिंह ने ‘स्पंदन’ को छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा का सशक्त मंच बताते हुए इसके नियमित प्रकाशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रिकाएँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं साहित्यिक अभिरुचि के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही ‘अमृत उपवन’ जैसी पर्यावरणीय पहल को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं संरक्षण का आह्वान किया।
कुलपति श्री सिंह ने देवीपाटन मंडल के प्रथम व विशिष्ट विश्वविद्यालय की स्थापना तथा गोण्डा में पहला इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का आभार ज्ञापित करते हुए इस निर्णय से मंडल का ऐतिहासिक वैभवशाली गौरव पुनः स्थापित हो सकेगा। उन्होंने कहाकि मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित कर मा. मुख्यमंत्री जी ने वैचारिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को प्रतिस्थापित किया है। साधनविहीन विश्वविद्यालय ने अपने शैशवकाल में ही पीएचडी की परीक्षा कराकर 150 शोधार्थियों के शोध के मार्ग को प्रशस्त किया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी पत्रिकाएं विद्यार्थियों की रचनात्मकता, साहित्यिक प्रतिभा तथा बौद्धिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर लेखन, साहित्य, कला एवं सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने महाविद्यालय परिसर में विकसित किए गए ‘अमृत उपवन’ की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। वृक्षारोपण एवं हरित वातावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए इस प्रकार की पहलें समाज को सकारात्मक संदेश देती हैं। उन्होंने छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने विचार एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समारोह के अंत में प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. प्रिया मुखर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथिगण, महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण, छात्राओं एवं उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के निरंतर आयोजन का विश्वास व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्राएं तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीमा शुक्ला ने किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बहराइच की अध्यक्ष श्रीमती सुधा टेकड़ीवाल, महिला पीजी कालेज के सचिव श्यामकरन टेकड़ीवाल, पूर्व प्राचार्या मोहनी अग्रवाल, मनीष मल्होत्रा, कालेज प्रबन्ध समिति के अशोक मातनहेलिया, संतोष अग्रवाल, अजय अग्रवाल, आदर्श अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, कुलभूषण अरोड़ा, श्रवण शुक्ला, राकेश मित्तल, महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य श्रीमती मोहिनी गोयल, डॉ दीपा वर्मा राजकीय महाविद्यालय बाराबंकी, सम्मानित पत्रकार बंधु, समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अन्त में ‘अमृत उपवन’ में मुख्य अतिथि कुलपति श्री सिंह द्वारा पौध रोपण भी किया गया।

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