*पसमांदा मुस्लिम संवाद में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय पर जोर,सरकारी योजनाओं की पहुँच और भागीदारी सुनिश्चित करने का लिया गया संकल्प********

 

*पसमांदा मुस्लिम संवाद में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय पर जोर,सरकारी योजनाओं की पहुँच और भागीदारी सुनिश्चित करने का लिया गया संकल्प********

लखनऊ : (NNI 24) लखनऊ में अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक द्वारा आयोजित *पसमांदा मुस्लिम संवाद: हालात, समस्या और समाधान* विषयक कार्यक्रम में पसमांदा समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश – *शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, सम्मान, सरकारी योजनाओं की पहुँच और पसमांदा समाज की सक्रिय भागीदारी* रहीं

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में *श्री प्रियंक कानूनगो जी, सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग* ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज की समस्याओ को आज तक किसी सरकार तक पहुँचाने का काम नहीं किया आज इस सेमिनार के माध्यम से सरकार तक आपकी बात लिखित रूप मे पहुँचाने का काम किया जायेगा, पसमांदा मुसलमानो की बुनियादी जरूरत पूरा करने के लिये शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम साबित होगी,मानवाधिकार का मूल सम्मान के साथ जीने, शिक्षा और समान अवसर का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी ही अधिकारों की रक्षा का पहला माध्यम है और संवाद के बाद ठोस कार्रवाई तय होनी चाहिए।

कार्यक्रम अध्यक्ष *श्री दानिश आज़ाद अंसारी जी, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार* ने कहा कि पसमांदा समाज के विकास की पहली प्राथमिकता शिक्षा, कौशल और रोजगार होनी चाहिए। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना जरूरी है और समाज को अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ना होगा।

विशिष्ट अतिथि *डॉ. शाहिद अख्तर जी, कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्था* ने शिक्षा को पसमांदा समाज के भविष्य की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने बेटियों की शिक्षा, उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति और डिजिटल शिक्षा पर विशेष जोर दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता *श्री गुरु प्रकाश पासवान जी* ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तब है जब हर वर्ग को विकास में भागीदारी मिले। पसमांदा समाज का विकास विरोध से नहीं, समान अवसर और सकारात्मक भागीदारी से होगा।

महाराष्ट्र सरकार की पसमांदा अध्ययन समिति के अध्यक्ष *श्री इदरीश मुल्तानी जी* ने कहा कि अब समस्या गिनाने से आगे बढ़कर तथ्य-आधारित अध्ययन और समाधान पर काम करना होगा। पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में *शिक्षित समाज, आत्मनिर्भर परिवार, सक्षम युवा और सम्मानजनक भागीदारी* का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और पसमांदा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन श्री जावेद मलिक जी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम मंच द्वारा किया गया।

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